Wed. Apr 8th, 2020

नारी की समस्या

भारतीय नारी की समस्या यह है कि, उसे पुरानी परंपराओं को सहेजते हुए, नई परंपराओं के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है।

उसके एक हाथ में पुरानी रीति रिवाजों की डोर होती है तो दूसरे हाथ में उस के समाज के समय के हिसाब से नये चाल चलन की डोर होती है। और उन दोनों को एक साथ था में हुए उसे अपने जीवन का सामंजस्य और संतुलन बनाए रखना पड़ता है।

आज तो कई ऐसे प्रतिष्ठान एवं संस्थाएँ हैं, जिन्हें केवल नारी संचालित करती है या ये कहे कि स्वतंत्रत भारत में आज नारी के लिए प्रगति के सभी अवसर खुले हुए हैं |

वर्तमान नारी की सफलता के आँकड़ो का वर्णन करें तो शायद उसे समेट पाना सम्भव नहीं होगा, परंतु उसका विश्लेषण करने पर पता चलता है कि वर्तमान काल में नारी की समस्या सुधारने के पीछे समय – समय पर अनेक महापुरुषों एवं राजनीतिज्ञों द्वारा हर संभव किया गया प्रयास है |